Motivational Poem



असफलता से क्यों डरता, निरंतर कर्म करता जा,

‎क्योंकि हारता वही है, जो कर्म नहीं करता ।


‎इसलिए अपना कर्म कर तू, राह पकड़ एक चलता चल तू,

तेरी कठोर मेहनत का फल, एक दिन जरूर तू पाएगा


‎ख्वाहिश अगर चाँद की है तो, तारा तो बन ही जाएगा,

भले रोशनी कम होगी, मगर प्रकाशमान हो जाएगा।


‎कर्म किए जा ध्यान लगाकर, एक दिन ऐसा आएगा,

सफलता मिल जाएगी, मंज़िल तक पहुंच जाएगा।


‎ - रोहित प्रभाकर

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