‎माँ का आँचल ❣️

 

‎माँ का आँचल ❣️


आई, अम्मा, माँ बोले  या  बोले  अम्मी, 

‎बच्चों के लिए प्यारी होती हैं उनकी मम्मी।

‎जब माँ नहीं दिखती तो दिल बेचैन हो जाता है, 

‎माँ उधर होगी यह सोचकर सारा घर ढूंढ आता है।

‎लेकिन माँ के मिलते हैं दिल में सुकून सा आ जाता है,

‎यू  समझो  वह  सारी  दुनिया  पा  जाता है।

‎माँ के हाथों से खिलाए निवालों में जो स्वाद आता है,

‎शायद ही वह किसी छप्पन भोग में मिले।

‎माँ का  लाड,  प्यार,  दुलार  जरूरी  है,

‎मगर गलत राह पर चलते देख फटकार भी जरूरी है।

‎माँ जैसा प्रेम शायद ही दुनिया में कोई कर पाता है,

‎जिनकी  माँं नहीं होती  उनसे  पूछो, 

‎कितनी  दर-दर  की  ठोकरें खाता है।

‎दुखी जब होते हैं बच्चे तो देती है माँ चुम्मी,

‎बच्चों के लिए प्यारी होती हैं उनकी मम्मी।


‎माँ...... माँ त्याग और समर्पण की मूर्ति है, जो खुद से पहले अपने बच्चों, अपने पति, अपने परिवार की खुशियों के बारे में सोचती है, जो सुबह सबसे पहले उठती है और रात को सब के सोने के बाद सोती है, जो सब को खाना खिलाने के बाद खाती है, वह जो शादी से पहले जब कभी बच्ची थी, उसके भी कुछ सपने थे कि वह भी कुछ बड़ा करें एक अच्छा नाम कमाए, लेकिन शादी के बाद अपने बच्चों के सपनों को ही अपना समझती है, अपने बच्चों का ध्यान रखना और परिवार को खुश रखना, यही सपना लिए कब बच्ची से माँ बन जाती है पता ही नहीं चलता, सच है कि माँ इस दुनिया का वह चमकता सितारा है, जिसके टूटने से बच्चे खुश नहीं बल्कि दुखी और परेशान रहते हैं, क्योंकि बच्चें जब मन से दुखी होते हैं न तो दवा नही "माँ का आंचल" ओढ़ते ही ठीक हो जाते हैं। इसलिए अपनी माँ को हमेशा खुश रखें और आप भी खुश रहे, क्योंकि आपकी खुशी में ही आपकी माँ की खुशी है, क्योंकि माँ त्याग और समर्पण की साक्षात मूर्ति है।

‎  ~ रोहित प्रभाकर

    @rohitvprabhakar

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